आजादी का अमृत महोत्सव July 23, 2022 है प्यारीसुनहरी धरतीन्यारी न्यारी,ओढ़े नील गगन की चादरबहती गंगा यमुना अविरलसौंधी खुशबूधरती की हरियालीसोन चिरैयासोने की दानाबंशी का चैन बजेन दे कोई तानाजहां हर दिनलगे उत्सव वो देश मना रहाआजादी का अमृत महोत्सव।✍️कार्तिक कुसुम Share Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps Labels कविता Share Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps Comments
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