भागलपुर क्षेत्र की लोक कथाओं में अधिक प्रचलित ' बिहुला विषहरी' की कथाएं ही इस चित्र शैली में चित्रित होती है। मूलतः भागलपुर (अंग) क्षेत्र में सुपरिचित इस चित्र शैली में मंदिर जैसी दिखने वाली एक मंजूषा, जो सनाठी (सनाई) की लकड़ी से बनाई होती है। पर बिहुला विषहरी की गाथाओं से संबंधित चित्र कुचियो द्वारा बनाए जाते हैं। इस चित्रकला की एक विशेषता यह है कि इसमें स्त्री-पुरुषों के चेहरे का सिर्फ बया पक्ष ही बनाया जाता है। इस चित्र शैली के चित्रों को भागलपुर-दिल्ली विक्रमशिला एक्सप्रेस रेलगाड़ी में चित्रित किया गया है।